bible
ra
🌐 Language
English
Español
Français
Deutsch
Português
Italiano
Nederlands
Русский
中文
日本語
한국어
العربية
Türkçe
Tiếng Việt
ไทย
Indonesia
All Languages
Home
/
Garhwali
/
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
/
Acts 7
Acts 7
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
← Chapter 6
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 8 →
1
तब महायाजक ल सवाल कैरी, “क्य यु भंगार सच च”
2
वेल बोलि, “हे विश्वासी भयों, अर पुरणों सूंणा। हमारा पूर्वज अब्राहम तैं वेका हारान नगर मा ए के बसण से पैली, जब उ मेसोपोटामिया प्रदेश मा छो; तब तेजोमय पिता परमेश्वर ल वे तैं अपड़ी महिमा को दर्शन द्ये”
3
अर वेमा बोलि, तु अपड़ा मुल्क बट्टी अर अपड़ा कुटुम्ब बट्टी निकली के वे मुल्क मा जा जै तैं मि त्वे तैं दिखौलु।
4
तब उ कसदियों का मुल्क बट्टी निकली के हारान नगर मा भस गै। वेका बुबा का खत्म हूंण का बाद परमेश्वर ल वे तैं उख बट्टी लैके यु मुल्क मा बसै जै मा अब तुम बसयां छा।
5
पर पिता परमेश्वर ल वे तैं कुछ भि हिस्सा नि दींनि, अर खुट्टा रखणै की भि जगह नि दींनि। वे बगत वेको कुई नौंनो भि नि छों फिर भि पिता परमेश्वर ल अब्राहम दगड़ी करार कैरी, कि मि यु देश तेरु अर तेरु बाद तेरु वंश का हथ मा कैरी दयुलु
6
अर पिता परमेश्वर ल इन बोलि, “तेरी सन्तान का लोग बिंरणा देश मा परदेशी हवे के राला, अर उ लोग ऊं तैं अपड़ा गुलाम बनांण लगि गै अर चार सौ बरस तक ऊं दगड़ी बुरो बरतौ करला।”
7
फिर पिता परमेश्वर ल बोलि, “जीं जाति का उ आराधना कन वला होला वीं जाति तैं मि दंड दयुलु अर उ वे देश बट्टी निकली के ईं जगह मा मेरी सेवा करला।”
8
तब पिता परमेश्वर ल अब्राहम दगड़ी करार बंधि, अर वेको बोलि, कि उ अपड़ा घौरा का सभि आदिमों तैं खतना कन होलो जु सौं को चिन्ह होलो यु दिखांणु कु की उ करार बट्टी रजामंद छिनी। इलै ही जब इसहाक पैदा हवे, त अब्राहम ल आठवां दिन वेको खतना कैरी। अर इसहाक ल अपड़ा नौंना याकूब को खतना कैरी, अर याकूब ल अपड़ा बारह नौंनो को खतना कैरी जु हमारा यहूदी जाति का पूर्वज छिनी ।
9
अर कुलपतियों ल अपड़ा भैय यूसुफ बट्टी जलन कैरी कै वे तैं मिस्र देश जांण वलो का हथ बेचि दींनि; पर परमेश्वर वे दगड़ी छो।
10
अर पिता परमेश्वर ल यूसुफ तैं सभि विपत्तियों बट्टी छुड़ै के जु वेका जीवन मा ऐ छै अर वे तैं बुद्धि दींनि अर मिस्र देश का राजा फिरौन की नजरों मा वेको बरतौ अच्छो बणै, तब राजा फिरौन ल यूसुफ तैं मिस्र देश पर अर अपड़ा सैरा घराना पर अधिकारी ठैरे।
11
जब यूसुफ अधिपति छो, तब सैरा मिस्र देश अर कनान देश मा अकाल पोड़ि; ज्यां बट्टी बड़ो क्लेश हवे, अर हमारा बाप दादाओं तैं खांणु नि मिल्दो छो।
12
पर याकूब ल यु सूंणि के, कि मिस्र देश मा खांणु च, त वेल हमारा बाप दादाओं तैं भेजि कि जां अर उख बट्टी खांणु कु अनाज खरीदा, उख उ यूसुफ बट्टी मिलिनि अर अनाज खरीदी पर ऊंल यूसुफ तैं नि पछयांणी।
13
दुसरी बार, जब उ खांणु तैं लींणु कु गैनी त यूसुफ ल खुद अफ तैं अपड़ा भयों का संमणी प्रगट कैरी अर तब यूसुफ कि गोत्र राजा फिरौन तैं पता चलि गै।
14
तब यूसुफ ल संदेश भेजि के अपड़ा बुबा याकूब तैं अर अपड़ा कुटुम्ब तैं, जु पिचहत्तर आदिम छा, मिस्र देश मा आंणु कु बुलावा भेजि।
15
तब याकूब मिस्र देश मा गै; अर कुछ बगत बाद उख उ अर हमारा बाप-दादा मोरि गैनी।
16
उ याकूब अर वेका नौंनो को लांश तैं हमारा देश कनान मा ले ऐनी, अर ऊंल याकूब की लांश तैं वीं कब्र मा दफनै, जै तैं अब्राहम ल एक निश्चित दाम दे के खरीदी छो। अर ऊंल याकूब का नौंनो तैं शकेम शहर की वीं जमींन मा दफनै, जै तैं याकूब ल हामोर का नौंनो बट्टी खरीदी छों।
17
पर जब वीं करार को पूरो हूंणो बगत संमणी ऐ, ज्वा पिता परमेश्वर ल अब्राहम दगड़ी कैरी छै, त मिस्र देश मा हमारा पूर्वज बढ़ण लगि गैनी; अर भौत जादा हवे गैनी।
18
तब मिस्र देश मा दुसरो राजा शासन मा ऐ जु यूसुफ तैं नि जंणदु छो।
19
वेल हमारी जाति बट्टी चालाकी कैरी हमारा बाप-दादों का दगड़ी इथग बुरो बरतौ कैरी, किलैकि ऊं तैं मजबूर कैरी कि इलै ऊंका ब्वे-बुबा अपड़ा नौंना तैं ढुलण बैठी गैनी कि उ मोरि जौं।
20
वे बगत मूसा को जन्म हवे; अर उ पिता परमेश्वर कि नजर मा भरि सुंदर छो; अर तीन मैना तक वेको पालन पोषण वेका बुबा का घौर मा छिपै के हवे।
21
पर जब उ मूसा तैं और नि छुपै सकिनि, त ऊंल वे तैं घौर का भैर रखदींनि तब मिस्र देश का राजा फिरौन कि नौंनि ल वे तैं गोद ले अर वीं ल वेको पालन-पोषण अपड़ा नौंना जन कैरी।
22
अर मूसा तैं मिस्री विद्या पढैये गै, अर उ बातचित अर काम द्वीयूँ मा सामर्थी छो।
23
जब मूसा चालिस बरस को हवे, त वेका मन मा यु विचार ऐ कि उ अपड़ा इस्राएलियों विश्वासी भयों बट्टी भेंट कैरू।
24
जब वेल देखि कि वेकी जाति का एक भैय पर एक मिस्री आदिम अन्यो कनु च त वेल अपड़ा भैय तैं बचै, अर वेको बदला ले के वे मिस्र वला आदिम तैं मारि दींनि।
25
मूसा ल सोचि कि वेका अपड़ा विश्वासी भयों ल इन समझण, कि पिता परमेश्वर वेका द्वारा ल ऊं तैं गुलामी बट्टी उद्धार करलो पर ऊंल इन नि समझी।
26
हैंका दिन मूसा ल देखि कि द्वी इस्राएली आपस मा लणना छिन, त तब उ इस्राएली ऊंमा ऐ; अर यु बोलि के ऊं तैं मेल कनु कु ऊंमा बोलि, कि, “हे दगड़ियों तुम त आपस मा विश्वासी भयों जन छा, त एक हैंका पर अन्यो किलै कना छा”
27
“पर जु अपड़ा पड़ोसी भैय पर अन्यो कनु छो, वेल मूसा तैं फुंड़ै धिकै के, त्वे तैं हमारो न्यायी अर निसाब कन वलो कैल बंणै?
28
क्य जन तिल ब्यालि मिस्री आदिम तैं मारि, क्य उन ही तु मि तैं भि मरण चांणि छै?”
29
ईं बात सूंणि के, मूसा डैरी गै अर इलै उ मिस्र देश बट्टी भागि गै, अर मिधान देश मा परदेशी बंणि के रौंण लगि गै, उख वेका द्वी नौंनो को जन्म हवे।
30
मिद्यान देश का सीनै डांडा मा मूसा का चालिस बरस बितणा का बाद, वेल एकांत जंगल मा जगदी झाड़ी मा एक स्वर्गदूत तैं देखि।
31
जब मूसा ल देखि झाड़ी जगणी च, त वे तैं आश्चर्य हवे। जब उ दिखणु कु संमणी गै त वेल स्वर्गदूत का द्वारा बुलै जांण वली प्रभु की आवाज तैं सूंणि।
32
पिता परमेश्वर ल बोलि, “मि तेरु पुरखों, अब्राहम कु परमेश्वर, इसहाक कु परमेश्वर, याकूब कु परमेश्वर छौं” तब मूसा डौर ल कांपी गै, इख तक कि वे तैं दिखणु को कुई हिम्मत भि नि रै।
33
“तब प्रभु ल वेमा बोलि, मेरा आदर कु अपड़ा खुट्टा बट्टी जुत्ता निकाली दे, किलैकि जैं जगह मा तु खड़ो छै, व पवित्र जगह च।
34
मिल सचमुच अपड़ा लुखुं कि दशा तैं जु मिस्र देश मा छिनी देखेलि; अर ऊंको रौंण अर कणाण सूंणि यले; इलै अब मि ऊं तैं छुड़ौण कु अयुं छौं। अब औ मि त्वे तैं मिस्र देश मा भिजलु”
35
यु उ ही मूसा च जै तैं इस्राएलियों ल अस्वीकार कैरी छो, अर जौनु बोलि छो, “कि त्वे तैं हमारो न्यायी अर निसाब कन वलो कैल बंणै?” वे मूसा तैं पिता परमेश्वर ल न्यायी अर निसाब कन वलो बणै के स्वर्गदूत का द्वारा भेजि जैल वे तैं झाड़ी मा दर्शन दे छो।
36
मूसा ल मिस्र देश बट्टी इस्राएली लुखुं तैं अद्भुत काम अर चमत्कार का काम का द्वारा भैर निकाली, अर लाल समुद्र मा अर एकांत जंगल मा चालिस बरस तक और भि भौत चमत्कार का काम करिनी
37
“यु उ ही मूसा च, जैल इस्राएलियों कु बोलि, पिता परमेश्वर तुमारा विश्वासी भयों मदि तुम कु मि जन एक परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वला बंणालु”
38
यु ही मूसा हमारा पूर्वजों का दगड़ी एक अगुवा का रूप मा छों जब उ एकांत जंगल मा एक जगह ही कठ्ठा छा। अर सीनै डांडा पर एक स्वर्गदूत ल वे दगड़ी बात कैरी अर वे तैं जीवन दींण वलो वचन मिली अर ऊंल हम तक वे तैं पौंछै दींनि।
39
पर हमारा बाप-दादों ल वेकी बात नि मनणु चै; पर वे तैं धिकै के अपड़ो मन मिस्र देश जनै वापिस जांण मा लगै।
40
अर मूसा का भैय हारुन मा बोलि, “हम कु इन देबता बंणौ, जु मिस्र देश मा वापिस जांणु कु हमारा अगनैं-अगनैं चलो; किलैकि यु मूसा जु हम तैं मिस्र देश बट्टी निकाली के लै, हम नि जंणदा की वे तैं क्य हवे”
41
ऊं दिनों मा एक बछड़ा कि मूर्ति बणै के, वेका अगनैं बलि चड़ै; अर अपड़ा हथ का कामों से खुश हूंण लगि गैनी।
42
यां से पिता परमेश्वर ल भि ऊं बट्टी मुक फेरी दींनि कि उ आसमान मा सूरज, चांद अर गैणों तैं अपड़ा देबतों का रूप मा आराधना कनु कु छोड़ी दींनि, जन कि परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वलो कि किताबों मा लिख्युं च, हे इस्राएलियों क्य तुम ल एकांत जंगल मा चालिस बरसों तक जानवरों कि “बलि अर अन्नबलि चड़ै?”
43
तुम ल वे तम्बू तैं ढोये जै मा तुम्हरा देबता मोलेक की मूर्ति अर तुम्हरा देबता रिफान का गैंणा की प्रतिमा छै। जन कि ऊं मूर्तियों तैं जौं तैं तुम ल आराधना कनु कु बंणै छो। इलै मि तुम तैं बाबेल देश बट्टी दूर लिजै के बसौलु।
44
“पिता परमेश्वर का गव्है वला तम्बू एकांत जंगल मा हमारा बाप-दादों का बीच मा छो जन पिता परमेश्वर ल ठैरे जै ल मूसा मा बोलि, जु आकार ति ल देखि, वेका अनुसार यु तैं बंणौ”
45
भौत सालों का बाद वे तम्बू तैं हमारा बाप-दादा पुरणा बट्टी पै अर उ वे तैं अफ दगड़ी ली गैनी, जब उ यहोशू का दगड़ा मा गैनी अर अन्य-जातियों का धरती पर अधिकार पै, जौं तैं पिता परमेश्वर ल हमारा बाप-दादों का संमणी बट्टी निकालेली छो जन उ अगनैं बढ़णा। अर उ राजा दाऊद का बगत तक उख ही रै।
46
राजा दाऊद बट्टी पिता परमेश्वर खुश छो। वेल ल याकूब का पिता परमेश्वर कु रौंणु कु डेरा बनांणु कु पूछि
47
पर वेका नौंना राजा सुलैमान ल पिता परमेश्वर कु मन्दिर बंणै।
48
पर परमप्रधान परमेश्वर हथ का बंणया मन्दिर मा नि रौंदु, जन कि यशायाह की किताब मा परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वला ल लिखीं,
49
कि पिता परमेश्वर बुल्द, “स्वर्ग मेरू सिंहासन अर धरती मेरा खुट्टों तौला कि चौकि च, मि कु तुम कन मन्दिर बंणैल्या? मेरा आराम कने कि कुई जगह हवेलि?
50
क्य मिल अफी यूं सभि चीजों तैं नि बणै?
51
हे जिद्दी लुखुं, तुम वेकी बात मनणु से इंकार करदां, तुम हमेशा पवित्र आत्मा को विरोध करदा; जन तुम्हरा पुरणो ल कैरी, उन ही तुम भि करदा।
52
परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वलो मा बट्टी तुम्हरा बाप-दादाओं ल कै तैं नि सतै? अर ऊंल धर्मी आदिम का आंणा का पैली बट्टी सन्देश दींणवलों तैं मार डाली जौनु पैली बट्टी वेका आंणा का बारा मा बतै छो, अर जब उ ऐ, त तुम ल वे तैं धोखा द्ये अर वेकी हत्या कैरी।
53
तुम ल स्वर्गदूतों का द्वारा ठहराई व्यवस्था त पै, पर वे तैं मांणी नि च।”
54
यूं बातों तैं सूंणि के यहूदी अगुवा भौत गुस्सा हवीनि अर स्तिफनुस पर ऊं की दाड़ी रमसाण लगि गैनी।
55
पर स्तिफनुस ल पवित्र आत्मा से भरपूर हवे के स्वर्ग जनै देखि अर पिता परमेश्वर कि महिमा अर यीशु तैं पिता परमेश्वर कि दैंणी तरपां खड़ो हुयुं देखि।
56
अर वेल बोलि, “देखा मि स्वर्ग तैं खुल्यूं अर मि मनिख कु नौंनो तैं पिता परमेश्वर कि दैंणी तरपां खड़ो हुयुं दिखणु छौं।”
57
तब ऊंल जोर से चिल्लै कै अपड़ा कन्दूड़ बूजि दींनि, अर सभि एक मन हवे के वे पर झपटिनि।
58
अर स्तिफनुस तैं पकड़ी अर घसीट के यरूशलेम शहर बट्टी भैर लै के वे पर ढुंग्यो कैरी। अर स्तिफनुस पर भंगार लगै अर अपड़ा कपड़ा शाऊल नौं का एक जवान का खुट्टों का संमणी रखदींनि।
59
अर उ स्तिफनुस तैं ढुंग्यो कना ही रैनी, अर उ यु बोलि के प्रार्थना कनु रै “हे प्रभु यीशु मेरी आत्मा तैं स्वीकार कैर।”
60
फिर घुंडा टेकि कै ऊंची आवाज मा बोलि, “हे प्रभु यूं तैं यु पाप को भंगारी नि ठैरो।” अर इन बोलि उ मोरि गै।
← Chapter 6
Jump to:
Chapter 1
Chapter 2
Chapter 3
Chapter 4
Chapter 5
Chapter 6
Chapter 7
Chapter 8
Chapter 9
Chapter 10
Chapter 11
Chapter 12
Chapter 13
Chapter 14
Chapter 15
Chapter 16
Chapter 17
Chapter 18
Chapter 19
Chapter 20
Chapter 21
Chapter 22
Chapter 23
Chapter 24
Chapter 25
Chapter 26
Chapter 27
Chapter 28
Chapter 8 →
All chapters:
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24
25
26
27
28