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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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Acts 14
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
इकुनियुम शहर मा इन हवे कि पौलुस अर बरनबास यहूदियों का मिलणा का भवन मा दगड़ी-दगड़ी गैनी, अर प्रभाव डाली के बातें करिनि, कि भौत सैरा यहूदी अर यूनानी अन्यजाति लुखुं ल विश्वास कैरी।
2
पर जूं यहूदी लुखुं ल विश्वास न बट्टी मना कैर दींनि अर अन्यजाति लुखुं का मन विश्वासी भयों का खिलाफ भड़कै, अर बड़ी नफरत पैदा कैरी दींनि।
3
पौलुस अर बरनबास भौत दिन तक उखी रैनी, अर प्रभु का भलै का बारा मा हिम्मत का दगड़ी बात करदा छा; अर प्रभु ऊं बट्टी चमत्कार अर अद्भुत काम करवै के साबित कैरी कि ईं दया का बारा मा ऊंको संदेश सचो छो।
4
पर शहर का लुखुं मा फूट पोड़ी गै छै; यां बट्टी कई त यहूदियों की तरपां, अर कथग ही प्रेरितों की तरपां हवे गैनी।
5
तब अन्यजाति अर यहूदी लोग अपड़ा अधिकारियों का मदद ल प्रेरितों का दगड़ी बुरो बरतौ कैरी के अर ऊं पर ढुगलयो कने की योजना बणै।
6
त पौलुस अर बरनबास ईं बात तैं जांणि गैनी, अर लुकाउनिया प्रदेश का लुस्त्रा अर दिरबे शहरों मा, अर अमणी-संमणी का प्रदेशों मा भागि गैनी।
7
अर उख मसीह को शुभ सन्देश प्रचार तैं सुनांण लगि गैनी।
8
लुस्त्रा शहर मा एक आदिम बैठयूं छो, जु पैदा हूंदी ही लंगड़ो छो, अर चलि फिर नि सकदो छो।
9
उ पौलुस की बातों तैं ध्यान से सुनणु छो अर पौलुस वे जने एकटक लगै के देखि कि यु तैं खूब हवे के बची जांणो को पूरो विश्वास च।
10
तब पौलुस ल जोर से बोलि, “अपड़ा खुट्टों का बल सीधो खड़ो हो।” तब यु सूंणि के उ एकदम खड़ो हवे गै अर चलण फिरण लगि गै।
11
लुखुं ल पौलुस को यु काम देखि के लुकाउनिया भाषा मा जोर से बोलि, “देबता आदिमों का रूप मा हवे के हम मा उतरी ऐ।”
12
ऊंल बरनबास तैं यूनानी मुख्य देबता ज्यूस को नौं दींनि। अर पौलुस तैं हिर्मेस को नौं दींनि, किलैकि उ बुल्ण मा खास छो।
13
अर ज्यूस देबता का वे मन्दिर को पुजारी जु ऊंका शहर का संमणी छो, बल्दों अर फूलों का हार फाटकों पर लै के किलैकि पुजारी लुखुं का दगड़ी पौलुस अर बरनबास कु बलिदान कन चांदु छो।
14
पर प्रेरित बरनबास अर पौलुस ल जब यु सूंणि, त उ भौत परेशान हवे अर इलै ऊंल अफी ही अपड़ा कपड़ा फाड़ी दींनि, अर भीड़ का बीच ऐ गैनी अर जोर से बुल्ण लगि गैनी,
15
“हे लुखुं, तुम क्य कना छा? हम भि त तुम जन दुख-सुख भुगण वला आदिम छा, अर तुम तैं शुभ सन्देश प्रचार सुनांणा छा, कि तुम यूं बेकार की चीजों बट्टी दूर हवे के ज्यून्दा पिता परमेश्वर की तरपां आ। वेल ही आसमान अर धरती अर जु कुछ वां मा च सभि कुछ बणये।
16
वेल पिछला बगत मा सभि जातियों का लुखुं तैं अपड़ा-अपड़ा रस्ता पर चलण दींनि।
17
फिर भि उ भला काम कैरी के अपड़ा बारा मा गव्है दींदी रैनी; उ तुम कु स्वर्ग बट्टी पांणी बरसांद अर अपड़ा मौसम मा हर एक फसल तैं पैदा करद। उ तुम तैं अन्न दे के तुम्हरी भूख मिटोंदु अर तुम्हरा मनों तैं खुशी दींद।”
18
यु बोलि के भि ऊंल लुखुं तैं बड़ी मुश्किल से रोकि कि ऊंकु बलिदान नि कैरी।
19
पर कथग ही यहूदियों ल अन्ताकिया अर इकुनियुम शहरों बट्टी ऐ के लुखुं तैं अपड़ी तरपां कैरी दींनि, अर पौलुस पर ढुगलयो कैरी, अर मुरयूं समझी के वे तैं शहर का भैर घसीट के ली गैनी।
20
पर जब चेला वेका चौ तरपां ऐ के खड़ा हवीनि, त उ उठि के शहर मा गैनी अर दुसरा दिन बरनबास का दगड़ी दिरबे शहर कु चलि गैनी।
21
वेका बाद पौलुस अर बरनबास वे शहर का लुखुं तैं शुभ सन्देश प्रचार सुणै के, अर भौत चेला बणैंनि; यांका बाद पौलुस अर बरनबास अपड़ा रस्ता लौटण लगि गैनी; उ फिर लुस्त्रा शहर गैनी, अर उ फिर उख बट्टी इकुनियुम शहर कु गैनी, अर फिर उ पिसिदिया प्रदेश का अन्ताकिया शहर कु गैनी।
22
अर हर एक शहर मा चेलों का मनों तैं मजबूत करदींनि रैनी अर यु उपदेश दींदी रैनी कि विश्वास मा बणया रावा; अर यु बुल्दो छो, “हम तैं भौत दुख सै के पिता परमेश्वर का राज्य मा पौछांण होलो।”
23
अर ऊंल हरेक विश्वासियों की मण्डलि मा बट्टी पौलुस अर बरनबास ल पुरणा अगुवा बनांणु कु लुखुं तैं चुणै। अर उपवास का दगड़ी प्रार्थना कैरी के ऊं तैं प्रभु तैं सौंपी द्या, जै पर ऊंल विश्वास कैरी छो।
24
अर पिसिदिया जिला बट्टी हवे के उ पंफूलिया प्रदेश मा पौछिनी;
25
अर ऊंल पंफूलिया जिला का पिरगा शहर मा पिता परमेश्वर को वचन सूंणि के अत्तलिया शहर मा ऐनी।
26
अर उख बट्टी उ समुद्री जहाज पर बैठी के सीरिया प्रदेश का अन्ताकिया शहर वापिस ऐनी, जख बट्टी ऊं तैं पिता परमेश्वर की कृपा मा सौंपी के वे काम कु भिजै गै छो जै तैं उ अब पूरो कैरी के वापिस ऐ छा।
27
अर अन्ताकिया शहर मा फूंजी कै ऊंल विश्वासियों की मण्डलि तैं कठ्ठा कैरी के बतै, कि पिता परमेश्वर ल ऊंका द्वारा हवे कै कन बड़ा-बड़ा काम करिनि, अर कन कै पिता परमेश्वर ल अन्यजाति लुखुं तैं प्रभु यीशु पर विश्वास कना का योग्य बणै।
28
उख पौलुस अर बरनबास चेलों का दगड़ी भौत दिनों तक रैनी।
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