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Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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Acts 24
Garhwali (GHMNT) (गढवली नयो नियम) 2020
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1
पाँच दिन का बाद हनन्याह महायाजक कुछ दाना-सयाणों अर तिरतुल्लुस नौं का एक वकील तैं अफ दगड़ी ले के कैसरिया नगर ऐ; ऊंल राज्यपाल का संमणी पौलुस पर भंगार लगै।
2
जब पौलुस बुलै गै तब तिरतुल्लुस वे पर भंगार लगै के बुल्ण लगि गै, “हे सामर्थी फेलिक्स, तेरु द्वारा हम तैं बड़ी कुशल हुंद; अर तेरु प्रबंध बट्टी ईं जाति की कथग बुरै सुधरदी जांणि छिनी।
3
सबसे बड़ो राज्यपाल फेलिक्स तैं हम हरेक जगह अर हरेक प्रकार बट्टी धन्य मणदयां।
4
पर इलै की मि तेरु जादा बगत नि लींण चांणु छों, मि त्वे बट्टी बिनती करदु, कि कृपा कैरी के हमारी एक-द्वी बात तैं सूंणि ले।
5
हम ल यु आदिम तैं घपरौल, अर दुनिया भर का सभि यहूदियों मा झगड़ा करदो-फिरदो, अर नासरी कुपंथ को मुखिया च।
6
वेल यरूशलेम शहर का मन्दिर तैं भि अशुद्ध कन चै (पर हम ल यु पकड़ी दींनि। अर हम वे तैं अपड़ी व्यवस्था का अनुसार दण्ड दियुं हूंदो;
7
पर सिपै का झुंडों का सेनापति लूसियास ल ऐ के वे तैं जोर जबरदस्ती ल हमारा हथों बट्टी लूछि लींनि,
8
अर यु पर भंगार लगांण वलो तैं तेरु संमणी औंणो को आज्ञा दींनि। तु खुद ही वे तैं जांच के जांणि लीली अर त्वे तैं ऊं सभि बातों का बारा मा पता चलि जालो जीं बात मा हम वे पर भंगार लगांणा छा”)
9
यहूदियों ल भि वेकी तरफदरी कैरी के बोलि, “यु बात इन ही छिनी।”
10
जब राज्यपाल ल पौलुस तैं बुल्णु कु हथ ल सनकै त वेल जवाब दींनि; “मि जंणदु छौं कि तू भौत सालों बट्टी यु देश का लुखुं को न्यायी कनी छै, इलै मि खुशी से अपड़ा जवाब दींणु छौं।”
11
तू अफी जांणि सकदी छै, की जब बट्टी मि यरूशलेम शहर मा आराधना कनु कु मंदिर मा औं, मि तैं अभि बारह दिन बट्टी जादा नि हवीनि।
12
ऊंल मि तैं न यरूशलेम शहर का मन्दिर मा, न यहूदियों का मिलणा का भवन मा, न नगर मा कैका विवाद करदा या भीड़ तैं उकसांणु पै।
13
अर न त उ ऊं बातों तैं, ज्यांका बारा मा उ मि पर भंगार लगांणा छिन, तेरु संमणी ऊं तैं सच साबित कैरी सकदींनि।
14
मि तेरु संमणी यु अंगीकार करदु, कि मि प्रभु का रस्ता कु शिष्य हवे के अपड़ा पूर्वजों का पिता परमेश्वर की आराधना करदु, जै तैं यु झूठा यहूदी अगुवों को दल बुल्दींनि, अर जु बात मूसा द्वारा लिखीं परमेश्वर की व्यवस्था मा छै अर परमेश्वर का तरपां बट्टी बुल्ण वलो कि किताबों मा लिखीं छिनी, ऊं सभियूं पर मि विश्वास करदु।
15
अर परमेश्वर पर आस रखदु जैं आस उ खुद भि रखदींनि, कि धर्मियों अर अधर्मियों द्वीयूँ को परमेश्वर मुर्दों तैं ज्यून्दो कैरी दयालो।
16
इलै मि खुद भि कोशिश कनु छौं, कि परमेश्वर अर लुखुं कि तरपां बट्टी मेरू मन हमेशा निर्दोष रौ।
17
“भौत सालों का बाद मि अपड़ा गरीब लुखुं कु भेंट पौछोलु, अर पिता परमेश्वर तैं बलिदान चढ़ांणु कु यरूशलेम शहर मा अयुं छो।
18
मि शुद्ध हूंणा की रीति का बलिदान का बाद यरूशलेम शहर का मन्दिर मा छो, यहूदियों ल मि तैं उख देखि; अर उख न कुई भीड़ छै अर न गड़बड़ी,
19
पर उख एशिया प्रदेश का कुछ यहूदी लोग छा। जु ऊं तैं लगदो कि मिल कुछ गलत करयूं च, किलैकि ऊंल देखि की मंदिर मा क्य हवे छो, त मि पर भंगार लगांणु कु ऊं तैं इख तेरु संमणी हूंण चयणु छो।
20
या यु लोग अफी बतौ कि जब मि महासभा का संमणी खड़ो हुयुं छो त यूं ल मि पर क्य भंगार पै,
21
इलै एकमात्र भंगार जु उ मेरा खिलाफ लगै सकदा छिनी, उ यु च जब मिल कचहरी मा पुकारी के बोलि छो, किलैकि मि विश्वास करदु छों कि परमेश्वर ऊं लुखुं तैं जु मुरयां छिनी ज्यून्दो करलो इलै मेरू मुकदमा हूंणु च”
22
फेलिक्स राज्यपाल जु प्रभु का रस्ता का बारा मा ठिक ढंग से जंणदु छो, इलै वेल इन बोलि के या बात खत्म कैरी दींनि कि, “जब सेनापति लूसियास आलो, त मि तुम्हरा मुकदमा की जांच कैरी के न्याय करुलु।”
23
अर वेल सुबदार तैं आज्ञा दींनि कि, पौलुस तैं कुछ छूट मा रखि के रखवली करयां, पर वेका दगड़ियों मा बट्टी कै तैं भि वेकी सेवा कन से नि रुकयां।
24
कुछ ही दिन का बाद फेलिक्स राज्यपाल अपड़ी घरवलि द्रुसिल्ला तैं अफ दगड़ी लै के ऐ अर व यहूदी छै अर उ पौलुस तैं मिलणु कु ऐ छा। ऊंल पौलुस तैं बुलै के वे विश्वास का बारा मा जु मसीह यीशु पर च, वे बट्टी सूंणि।
25
पर जब पौलुस धार्मिकता अर सयंम अर औंण वला जांच के न्याय की विचार कनु छो, तब फेलिक्स ल डैरी के जवाब दींनि, “इलै अभि त तु जै सकदी छै पर मौका मिललो त मि त्वे तैं फिर बुलौलु।”
26
जबकि फेलिक्स ऊं बातों का बारा मा डरदु छो जु पौलुस ल बोलि छै, फिर भि उ अक्सर वे तैं बुल्दो छो अर वे दगड़ी बात करदो छो किलैकि उ आस करदो छो अर सुचद छो कि पौलुस जेलखना बट्टी भैर निकलण कु वे तैं कुछ रूपया दयालो।
27
इन ही कै जब द्वी साल बीति गैनी त फेलिक्स का जगह पुरकियुस फेस्तुस राज्यपाल बंणि गै, अर फेलिक्स यहूदियों तैं खुश कनै की इच्छा ल पौलुस तैं बंधि ही छोड़ी गै।
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